UP BOARD 2026: खण्ड-ख व्याकरण एवं लेखन (50 अंक)
[शुद्धता ही सफलता की कुंजी है | Total Weightage: 50%]
प्रश्न 8: संस्कृत दिग्दर्शिका (अनुवाद) 14 अंक
Setter's Note: यहाँ गद्य (7 अंक) और पद्य (7 अंक) दोनों आते हैं [cite: 257, 259]। पद्य के लिए 'सुभाषित रत्नानि' पाठ को अमृत समझकर पी जाओ, क्योंकि इससे एक श्लोक लगभग निश्चित है ।
Must-Prepare Chapters (गद्य):
- संस्कृत भाषायाः महत्त्वम् [cite: 338]
- जातक-कथा (उलूकजातकम् / नृत्यजातकम्) [cite: 339]
- आत्मज्ञः एव सर्वज्ञः [cite: 337]
- महामना मालवीयः [cite: 341]
Topper Strategy: 'सन्दर्भ' लिखते समय पाठ का नाम शुद्ध संस्कृत में लिखें (जैसे: 'आत्मज्ञः एवं सर्वज्ञः') [cite: 337]। अनुवाद शब्द-दर-शब्द न करके भावार्थ के साथ करें।
प्रश्न 11: वस्तुनिष्ठ व्याकरण 08 अंक
Setter's Research: बोर्ड ने यहाँ पैटर्न बदला है। अब पर्यावाची/विलोम के बजाय इन पर फोकस है:
| विषय |
अंक |
क्या पढ़ें? |
| शब्दों में सूक्ष्म अन्तर [cite: 264] |
02 |
जैसे: अंश-अंशु, कुल-कूल |
| अनेकार्थी शब्द [cite: 267] |
02 |
जैसे: कनक (सोना/धतूरा), अंबर (आकाश/वस्त्र) |
| वाक्यांशों के लिए एक शब्द [cite: 269] |
02 |
जैसे: जो कभी न मरे (अमर), जिसे जाना न जा सके (अज्ञेय) |
| वाक्यों में त्रुटिमार्जन [cite: 271] |
02 |
लिंग, वचन, कारक संबंधी अशुद्धियाँ ठीक करना [cite: 271] |
प्रश्न 12: काव्य सौन्दर्य के तत्त्व 06 अंक
Formula for 6/6 Marks:
परिभाषा (Definition) + उदाहरण (Example) + स्पष्टीकरण (Explanation)
Syllabus Highlights:
- रस: श्रृंगार, करुण, हास्य, वीर, शान्त [cite: 273]
- अलंकार: अनुप्रास, यमक, श्लेष, उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, भ्रान्तिमान, सन्देह [cite: 275, 278]
- छन्द: चौपाई, दोहा, सोरठा, कुण्डलियां (मात्राओं का ज्ञान अनिवार्य)
प्रश्न 13 एवं 14: पत्र एवं निबन्ध 15 अंक
Setter's Tip: पत्र लेखन (6 अंक) में 'प्रारूप' (Format) के 2 अंक होते हैं [cite: 282]। निबन्ध (9 अंक) में हेडिंग्स (Outlines) का प्रयोग जरूर करें [cite: 292]।
High Probability Topics:
- पत्र: बैंक से ऋण (Loan), नियुक्ति आवेदन, गाँव/नगर की सफाई
- निबन्ध: पर्यावरण संरक्षण, बेरोजगारी की समस्या, आतंकवाद, जनसंख्या वृद्धि [cite: 286]
FINAL EXAMINATION WARNING
व्याकरण में काट-छाँट (Cutting) न करें। यदि कोई उत्तर गलत हो जाए तो उसे केवल एक सीधी लाइन से काटें। साफ़-सुथरी कॉपी पर परीक्षक का हाथ नंबर देने के लिए खुद-ब-खुद बढ़ता है।